एक रिश्तेदार
मेरे
द्वार
हर
दूसरे दिन चला आता था
कुछ-न-कुछ
माँग कर ले जाता था।
मुझे
उस पर बहुत दया आई
और
मैंने गुहार लगाई
प्रभु!
इसका मुँह भाँड़ की तरह खुला रहता है
इसका
घर मेरे घर से ही भरा करता है
कुछ
ऐसा कीजिए न कि इसका घर भी भर जाए
और
ये अब मेरे घर कुछ और माँगने न आए
मेरा
माथा चकराया
जब
रिश्तेदार दोबारा नहीं आया
क्या
मेरी दुआ का असर हो गया?
यह
जानने मैं ख़ुद उसके घर गया
वह
मुझे देख दौड़ा आया
उसने
मुझे जो कुछ बताया
उसे
सुन कर मेरा दिमाग़ चकराया
उसका
बेटा इतना अच्छा कमाने लग गया है
कि
सब दुख-दर्द हवा हो गया है
वह
फ़ॉरेन ट्रिप पर हो आया है
और
एक बढ़िया सोसाइटी में थ्री बीएचके बुक कराया है
उसकी
तरक़्क़ी पर मुझे बहुत दुख हुआ
मैंने
जितना हो सकता था, ग़ुस्सा किया
मैं
एक घंटा कुत्ते की तरह भौंका
उसने
मुझे बिलकुल नहीं रोका
मेरी
अंतरात्मा अब भी दुखी है
मेरा
रिश्तेदार मुझसे ज़्यादा सुखी है
प्रभु!
अब मेरी बात को सीरियसली मत लेना
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